फ़िल्म ---- "एक योगी"
नायिका :रउवा के भोजपुरी आवेला?
नायक कहेलन : भोजपुरी हमार माई हवे.. केहू माई के भुला जाई?
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इसलिए नहीं कि हमारी फ़िल्म है इसलिए कह रहे हैं कि भोजपुरी फ़िल्म एक योगी से फिर शुरुवात होइ घर -परिवार के साथे पिक्चर देखे के.....
नायक कहेलन : भोजपुरी हमार माई हवे.. केहू माई के भुला जाई?
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इसलिए नहीं कि हमारी फ़िल्म है इसलिए कह रहे हैं कि भोजपुरी फ़िल्म एक योगी से फिर शुरुवात होइ घर -परिवार के साथे पिक्चर देखे के.....
नाजिर हुसैन जी ने : "हे गंगा मईया तोहें पियरी चढ़इबों.... से जो माटी कि महक जीवन में घोली... और हमार संसार के बाद फिर घर -परिवार से बिमुख होती गई..... और...फिर जो फूहड़पन का हुड़दंग शुरू हुवा कि...."
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सच में आप सबके अपने माटी और घर ज्वार से प्रेम अउर लगाव हवे न त एक अनुरोध हवे....
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सच में आप सबके अपने माटी और घर ज्वार से प्रेम अउर लगाव हवे न त एक अनुरोध हवे....
एक योगी के सगरो टीम आप लोगन से आग्रह /निवेदन /प्रार्थना कई रहल बा कि....
सगरो भाई, बहिन, दीदी, भैया, काका, बाउ अम्माँ.... आप सबके बेटवा, भाई, लइका इंतजार कई रहल बा... पिक्चर हॉल मा....
सम्भवतः हम सब उतना कह इसलिए नहीं पा रहे हैं कि यह आप सबकी जिम्मेदारी है... जी हाँ... सपरिवार पिक्चर देख कर घर ज्वार के लोगों को बताएं कि एक योगी जहां शिक्षा के उजियार लेके आइल हवं वहीं घर -परिवार,बोली भाषा अउर जीवन के मर्यादा भी.. !!
सगरो भाई, बहिन, दीदी, भैया, काका, बाउ अम्माँ.... आप सबके बेटवा, भाई, लइका इंतजार कई रहल बा... पिक्चर हॉल मा....
सम्भवतः हम सब उतना कह इसलिए नहीं पा रहे हैं कि यह आप सबकी जिम्मेदारी है... जी हाँ... सपरिवार पिक्चर देख कर घर ज्वार के लोगों को बताएं कि एक योगी जहां शिक्षा के उजियार लेके आइल हवं वहीं घर -परिवार,बोली भाषा अउर जीवन के मर्यादा भी.. !!

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