भोजपुरी फ़िल्म :
एक योगी :
नायिका कहती है अपने माँ से :
- लइकी होखे के ई मतलब नाहिं ह कि हम अन्याय सहीं !
ये भाई शक्ति देवी के पुजारियन के देश में व्यवहार जगत में नारी शक्ति के महत्व त्यों त्यों समझ में आवता ज्यों ज्यों समाज शिक्षा के उजास पावत बा....
कि एक गो लइका पढ़त बा त एगो व्यक्ति शिक्षित होखत हवे... वोहीं एगो लइकिनी पढ़त हई त एगो पूरा परिवार शिक्षित होता... ई बतिया...
-एक योगी
फ़िल्म बखूबी देखावत हवे जी के...
त एक योगी क
अउर सगरो टीम के गुहार हवे आप सब माई बहिन दीदी, बिटिया से कि अपने त अइबे करीं सिनेमा हॉल तक... सथवे अपने दुलरूवन के भी लिववुले आवल जाई... धियान रहे हमहन के आदरणीय बूढ़ पुरनिया लोग ना छूटे काहे कि सगरो परिवार के, घर समाज के साथ चाहीं..... एक योगी के.... !
एक योगी :
नायिका कहती है अपने माँ से :
- लइकी होखे के ई मतलब नाहिं ह कि हम अन्याय सहीं !
ये भाई शक्ति देवी के पुजारियन के देश में व्यवहार जगत में नारी शक्ति के महत्व त्यों त्यों समझ में आवता ज्यों ज्यों समाज शिक्षा के उजास पावत बा....
कि एक गो लइका पढ़त बा त एगो व्यक्ति शिक्षित होखत हवे... वोहीं एगो लइकिनी पढ़त हई त एगो पूरा परिवार शिक्षित होता... ई बतिया...
-एक योगी
फ़िल्म बखूबी देखावत हवे जी के...
त एक योगी क
अउर सगरो टीम के गुहार हवे आप सब माई बहिन दीदी, बिटिया से कि अपने त अइबे करीं सिनेमा हॉल तक... सथवे अपने दुलरूवन के भी लिववुले आवल जाई... धियान रहे हमहन के आदरणीय बूढ़ पुरनिया लोग ना छूटे काहे कि सगरो परिवार के, घर समाज के साथ चाहीं..... एक योगी के.... !

